Tag: Hindi Poems
तुम न आए Tum na aaye तुम न आए सुरभित सुमन, गूँज भँवरे की मन में कितने फूल बिछाए आम्र लताएँ, पिक की कुँजन मन में मेरे मोर …
मेरे महबूब कहीं और मिला कर मुझ से Mere mahboob kahi aur mila kar mujh se ताज तेरे लिये इक मज़हर-ए-उल्फ़त ही सही तुम को इस वादी-ए-रंगीं से अक़ीदत …
चीख़े मन का मोर Chike man ka mor छोड़ साथ यों चला गया किस ओर टप-टप-टप-टप बरसे पानी टूटा सपन सलोना अंदर-अंदर तिरता जाऊँ भींगा कोना-कोना चीख़ रहा …
इश्क़ की गर्मी-ए-जज़्बात किसे पेश करूँ Ishk ki garmi e jajbat kise pesh kaur इश्क़ की गर्मी-ए-जज़्बात किसे पेश करूँ ये सुलग़ते हुए दिन-रात किसे पेश करूँ हुस्न और …
एक विचारणीय क्षण Ek vicharniya kshan निर्जन बागीचे के एकांत कोने में विचार करता हुआ कि कितनी बार किया है मैंने प्रयास इन्द्रधनुष को पकड़ने का तब तक …
नग़मा-ओ-शेर की सौगात किसे पेश करूँ Nagma or sher ki saugat kise pesh karu नग़मा-ओ-शेर की सौगात किसे पेश करूँ ये छलकते हुए जज़बात किसे पेश करूँ शोख़ आँखों …
एक जलधारा से संवाद Ek Jaldhara se samvad जैसे मैं यहाँ बैठा हूँ आपके समीप देख सकता हूँ मैं वह सब कुछ जो प्रकट हुआ है यहाँ पर …
सुनहरा तोता Sunahra tota एक लाश इस परित्यक्त स्थान पर न आएगा कोई प्रेमी थामने मुझे न ही कोई होठ चूमेंगे मेरा चेहरा कसके पकड़ रक्खी है मैंने …