Tag: Hindi Poems
एक दिन अति शान्त मन Ek din ati shant man एक दिन अति शान्त मन मैं चली आऊँगी तुम्हारे पास . दीप की कँपती हुई लौ जल सके …
कहाँ की बात Kaha ki baat चलो बात आई गई हो गई! छोड़ो शिकायत जो बो गई! कहा-सुना तो ,क्या चिपक गया , फिर भी तो मन कुछ …
नये संस्करण Naye sanskaran आज सामने हो मेरे , कल नहीं होगे! तुम्हारे साथ होने का यह काल जीवन का बहुत सार्थक, बहुत सुन्दर काल रहा! पढ़ाते हुये …
अश्रु-सरिता के किनारे Ashru sarita ke kinare अश्रु-सरिता के किनारे एक ऐसा फूल है जो कभी कुम्हलाता नहीं है! दूर उन सुनसान जीवन-घाटियों के बीच की अनजान सी …
अभिशप्त Abhishapt रात का धुँधलका, सिर्फ़ तारों की छाँह, मैंने देखा मन्दिर से निकल कर एक छायामूर्ति चली जा रही है विजन वन की ओर! आश्चर्य-चकित मैंने पूछा, …
अपराधी Apradhi बिगाड़ना बहुत आसान है – उसके लिये जो बना नहीं सकता! पशुबल सबसे प्रबल है, कि विवेक से नाता नहीं रखता, जुनून जो कर ड़ाले, भविष्य …
यात्री Yatri मौन, मैं अनजान फिर बोलो कहाँ आवास मेरा! जिन्दगी की राह रुकने को नहीं विश्राम-बेला, आज है यदि साथ लेकिन कल कहीं रहना अकेला! राह में …
सोने का हिरन Sone ka hiran काहे राम जी से माँग लिया सोने का हिरन, सोनेवाली लंका में जा के रह ले सिया! अनहोनी ना विचारी जो था …