Tag: Hindi Poems
शून्य होकर Shunya hokar बैठ जाता है जैसे उदास बच्चा उस दिन उतना अकेला और असहाय बैठा दिखा शाम का पहला तारा काफ़ी देर तक नहीं आये दूसरे …
तेरे बचपन को जवानी की दुआ देती हूँ Tere bachpan ko javani ki dua deti hu तेरे बचपन को जवानी की दुआ देती हूँ और दुआ देके परेशान सी …
क्या हर्ज़ है Kya harz he विदा ले लें हम एक सपने से जो तुमने भी देखा था और मैंने भी दोनों के सपने में कोई भी फ़र्क …
अब कोई गुलशन ना उजड़े Ab koi gulshan na ujade अब कोई गुलशन ना उजड़े अब वतन आज़ाद है रूह गंगा की हिमालय का बदन आज़ाद है खेतियाँ सोना …
अपने आपमें Apne aap me एक ओछी चीज़ है समय चीजों को टोड़ने वाला मिटाने वाला बने- बनाये महलों मकानों देशों मौसमों और ख़यालों को मगर आज सुबह …
जीवन के सफ़र में राही Jivan ke safar me rahi जीवन के सफ़र में राही, मिलते हैं बिछड़ जाने को और दे जाते हैं यादें, तनहाई में तड़पाने को …
सागर से मिलकर Sagar se milkar नदी खारी हो जाती है तबीयत वैसे ही भारी हो जाती है मेरी सम्पन्नों से मिलकर व्यक्ति से मिलने का अनुभव नहीं …
दिल कहे रुक जा रे रुक जा, यहीं पे कहीं Dil kahe suk ja re ruk ja yahi pe kahi दिल कहे रुक जा रे रुक जा, यहीं पे …