Tag: Hindi Poems
तुम नहीं समझोगे Tum nahi samjhoge इसलिए अपने किये पर वाणी फेरता हूँ और लगता है मुझे उस पर लगभग पानी फेरता हूँ तब भी नहीं समझते तुम …
गंगा तेरा पानी अमृत Ganga tera pani amrit गंगा तेरा पानी अमृत झर-झर बहता जाए युग-युग से इस देश की धरती तुझसे जीवन पाए गंगा तेरा पानी… दूर हिमालय …
एक बहुत ही तन्मय चुप्पी Ek bahut hi tanmay chuppi जो माँ छाती में लगाकर मुँह चूसती रहती है दूध मुझसे चिपककर पड़ी है और लगता है मुझे …
दिल में किसी के प्यार का जलता हुआ दिया Dil me kisi ke pyar ka jalta hua diya दिल में किसी के प्यार का जलता हुआ दिया दुनिया की …
उस दिन Us din आँखें मिलते ही आसमान नीला हो गया था और धरती फूलवती चार आँखों का वह जादू तुम्हें यहाँ से कैसे भेजूं? आओ तो दिखाऊं …
तुम्हारी नज़र क्यों खफ़ा हो गई Tumhari nazar kyo khafa ho gai तुम्हारी नज़र क्यों खफ़ा हो गई खता बख्श दो गर खता हो गई हमारा इरादा तो कुछ …
जैसा दिखता है Jesa dikhta he वैसा नहीं है और न धरती जैसी दिखती है वैसी है ठीक नहीं कह सकता कोई वह कैसा है यह कैसी है …
बच्चे मन के सच्चे Bache men ke sache बच्चे मन के सच्चे सारी जग के आँख के तारे ये वो नन्हे फूल हैं जो भगवान को लगते प्यारे खुद …