Tag: Hindi Poems
बह नहीं रहे होंगे Vah nahi rahe honge रेवा के किनारे-किनारे उन दिनों के हमारे शब्द दीपों की तरह पड़े तो होंगे मगर पहुँच कर वे अरब-सागर के …
नागार्जुन सराय Nagarjun Saray महानता के आश्रयस्थल यदि होते हों तो इसी तरह विनम्र और खामोश रहकर प्रतिमाएँ अपना स्नेह प्रकट करती रहेंगी देखो न, यह पूँछ-उठौनी नन्हीं चिड़िया …
मैंने पूछा Mene pucha तुम क्यों आ गई वह हँसी और बोली तुम्हें कुरूप से बचाने के लिए कुरूप है ज़रुरत से ज़्यादा धूप मैं छाया हूँ ज़रूरत …
छात्रावास में कविता-पाठ Chatravas me kavita path कोई पच्चीस युवा थे वहाँ सीटी बजी और सबके सब एकत्रित हो गए कौन कहता है कि वे कुछ भी सुनना-समझना नहीं …
मैं क्या करूँगा Me kya karunga राशि राशि पत्ते पेडो के नीचे के राशि राशि झरे बिखरे सूखे फूल लेकर चलेगी चल देगी मुझको तो यह भी मयस्सर …
एक बार में सब कुछ Ek bar me sab kuch कुछ भी छोड़कर मत जाओ इस संसार में अपना नाम तक भी वे अपने शोधार्थियों के साथ कुछ ऐसा …
हँसी आ रही है Hansi aa rahi he कि क्या घेरते हो अंधेरे में मुझको! बँधा है हर एक नूर मुट्ठी में मेरी बचा कर अंधेरे के घेरे …
सुबह हो गई है Subah ho gai he मैं कह रहा हूँ सुबह हो गई है मगर क्या हो गया है तुम्हें कि तुम सुनते नहीं हो अपनी …