Tag: Hindi Poems
धरती का पहला प्रेमी Dharti ka pahla premi सूरज को धरती का पहला प्रेमी कहा है धरती को सूरज के बाद और शायद पहले भी तमाम चीज़ों ने …
रास्ता Rasta बहुत बरस पहले चलना शुरू किया लेकिन अभी तक घर क्यों नहीं पहुँचा? शुरू में माँ के सामने या इससे भी पहले उसकी उँगली अपनी नन्ही हथेली …
मेरा अपनापन Mera Apnapan मैंने उसे भटकाया लौटा वह बार-बार पार करके मेहराबें समय की मगर खाली हाथ क्योंकि मैं उसे किसी लालच में दौड़ाता था दौड़ता था …
सामान Saman वह ट्रेन में चढ़ गया था उसे उतार लिया गया उसका सामान दूसरे डिब्बे में था वह डिब्बा किसी अनजाने स्टेशन पर कट गया वह शख़्स कहीं …
जूही ने प्यार किया Juhi ne pyar kiya दोनों के लोक दो, शोक किन्तु एक हुए दोनों के सन्ध्या के झुरमुट से मानो निहारा और अश्रु चुए दोनों …
कमल के फूल Kamal ke Phool क्या करूँ’ इनका, पसारें आप आँचल, छोड़ दूँ; हो जाए जी हल्का! किन्तु होगा क्या कमल के फूल का? कुछ नहीं होता …
माँ का दुःख maan ka duhkh कितना प्रामाणिक था उसका दुःख लड़की को दान में देते वक्त जैसे वही उसकी अंतिम पूँजी हो लड़की अभी सयानी नहीं थी अभी …
ऐसा भी होगा Esa Bhi hoga तो थक जाता हूँ, कभी एकाध इच्छा थोडा चलकर तुम्हारे सिरहाने रख जाता हूँ। जब तुम्हारी आंख खुलती है, तो तुम उसे …