Tag: Hindi Poems
ऐसा हो जाता है Esa Ho Jata He जैसा आज हो गया मेरा सदा मुट्ठी में रहने वाला मन चीरकर मेरी अंगुलियां मेरे हाथ से निकल कर खो …
मैं जो हूँ Me jo Hu मैं जो हूँ मुझे वहीं रहना चाहिए यानी वन का वृक्ष खेत की मेड़ नदी की लहर दूर का गीत व्यतीत वर्तमान …
मन ने छाप लिया Man ne chap liya आँखों ने बस देखा भर था, मन ने उसको छाप लिया। रंग पंखुरी केसर टहनी नस-नस के सब ताने-बाने, उनमें कोमल …
घर की याद Ghar ki yaad बहुत पानी गिर रहा है, रात भर गिरता रहा है, प्राण मन घिरता रहा है, अब सवेरा हो गया है, कब सवेरा …
सुर-पाँखी Sur pankhi प्राणों के पिंजरे में पाला, साँस-साँस में गाया, बड़े जतन से वह सुर-पाँखी मेरे बस में आया। साँझ-सकारे मन-बंसी पर मैंने उसको टेरा, रसना की रेशमी …
दे दिया मैंने De Diya mene आज का यह दिन तुम्हें दे दिया मैंने आज दिन भर तुम्हारे ही ख़यालों में लगा मेला, मन किसी मासूम बच्चे-सा फिरा भटका …
अपने आप में Apne Aap me एक ओछी चीज़ है समय चीज़ों को तोड़ने वाला मिटाने वाला बने-बनाए महलों मकानों देशों मौसमों और ख़यालों को मगर आज सुबह से …
सिन्धु-वेला Sindhu vela सिंधु-वेला । तप्त रेती पर पड़ा चुपचाप मोती सोचता है, आह! मेरा सीप, मेरा दूधिया घर, क्या हुआ, किसने उजाड़ा मुझे ज्वार आए, गए, जल-तल शाँत-निश्चल, …