Tag: Hindi Poems
मंगल-वर्षा Mangal Varsha हरियाली छा गयी, हमारे सावन सरसा री| बादल आये आसमान मे,धरती फूली री, अरी सुहागिन, भरी मांग में भूली -भूली री, बिजली चमकी भाग सखी …
टूटने का सुख Tutne ka such बहुत प्यारे बन्धनों को आज झटका लग रहा है, टूट जायेंगे कि मुझ को आज खटका लग रहा है, आज आशाएं कभी …
प्रलय Pralay मिट (मत) रहेगी झोपड़ी, मिट जायेंगे नीलम-निलय भी| सात है सागर किसी दिन फैल एकाकार होंगे, पंच तत्वों मे गये बीते बिचारे चार होंगें, धार मे …
असाधारण Asadharan प्यासे को चैन दे; सूखे हुए अधरों को फिर से जो बैन दे ऐसा सभी पानी है| लहरों के आने पर, काई-सा फटे नहीं; रोटी के …
इतने बहुत–से वसंत का Itne bahut se vasant ka क्या होगा मेरे पास एक फूल है इन रोज़–रोज़ के तमाम सुखों का क्या होगा मेरे पास एक भूल …
पानी को क्या सूझी Pani ko kya sujhi नदी के किनारे पर गया तो क्या जाने पानी को क्या सूझी पानी ने मुझे बूँद–बूँद पी लिया और मैं …
एक और आसमान Ek aur aasman उछली उजली चाँदनी ने उस पर हाथ फेरा चाँदनी से भी उजले पानी का पानी पर एक घेरा बन गया मन गया …
संग्रह के खिलाफ Sangrah ke khilaf और संग्रह जो मैं मुर्त्तिब करना चाह रहा हूँ उड़ा रही है उसके पन्ने एक बूडा आदमी चल रहा है सड़क पर …