Tag: Hindi Poems
काग़ज़ Kagaz एक काग़ज़ पर है किसी ज़माने का गीत एक पर घोड़ा, थोड़ी हरी घास एक पर प्रेम एक काग़ज़ पर नामकरण का न्यौता था एक पर …
मदर इंडिया Mother India दरवाज़ा खोलते ही झुलस जाएँ आप शर्म की गर्मास से खड़े-खड़े ही गड़ जाएँ महीतल, उससे भी नीचे रसातल तक फोड़ लें अपनी आँखें …
बोलते जाओ Bolte jao तुम्हें विधायक का सम्मान करना था जिसके लिए ज़रूरी था झुकना तुम्हें हाथ पीछे बांध लेने थे और बताना था इज़्ज़तदार हँसी उतनी ही …
सभ्यता के खड़ंजे पर Sabhyata ke khandaje par और उस आदमी को तो मैं बिल्कुल नहीं जानता जो सिर पर बड़ा-सा पग्गड़ हाथों में कड़ों की पूरी बटालियन …
कोई बेनाम-सा Koi benam sa कुछ चेहरे होते हैं जिनके नाम नहीं होते कुछ नामों के चेहरे नहीं होते जैसे दो अलग-अलग लोग जन्मते हैं एक ही वक़्त …
इलाही! है आस या तलास Ilahi he aas ya talas जिन्हें पकड़नी है पहली लोकल वे घरों के भीतर खोज रहे हैं बटुआ जुराबे और तस्मे बाक़ी अपनी …
पोस्टमैन Postman अपने कमरे में लेटा पोस्टमैन है जो नेरूदा को पहुँचाता था डाक हालाँकि उन्हें गए अरसा बीत गया जैसे आवाज़ करती है सुने जाने का इंतज़ार …
उन लोगों के बारे में जिन्हें मैं नहीं जानता Un Logo ke bare me jinhe me nahi janta कई बार सुबह तक कमरे में करता हूं चहलक़दमी फ़र्श …