Tag: Hindi Poems
काजू भुनी प्लेट में ह्विस्की गिलास में Kaju bhuni plate me Whiski glass me काजू भुने पलेट में, विस्की गिलास में उतरा है रामराज विधायक निवास में पक्के …
नहाऊँ मैं! Nahau me तुम कहती हो कि नहाऊँ मैं! क्या मैंने ऐसे पाप किए, जो इतना कष्ट उठाऊँ मैं? क्या आत्म-शुद्धि के लिए? नहीं, मैं वैसे ही हूँ …
जूते चले गए Jute chale gye जी, कुछ भी बात नहीं थी, अच्छा-बीछा घर से आया था। बीवी ने बड़े चाव से मुझको, बालूजा पहनाया था। बोली थीं, “देखो, …
मामाजी! Mamaji हे मामा जी! लो आज आपसे हो जाए अपनी कुछ रामा-श्यामा जी! हे मामा जी! पत्नी पर मैंने लिखा लिखा उनके प्राणोपम भाई पर, साली पर मैंने …
ग़ज़ल को ले चलो अब गाँव के दिलकश नज़ारों में Gazal ko le chao ab ganv ke dilkash nazaro me न महलों की बुलंदी से न लफ़्ज़ों के नगीने …
चाँद है ज़ेरे क़दम, सूरज खिलौना हो गया Chand he zere kadam suraj khilona ho gya चाँद है ज़ेरे क़दम. सूरज खिलौना हो गया हाँ, मगर इस दौर में …
न महलों की बुलन्दी से , न लफ़्ज़ों के नगीने से Na mahalo ki bulandi se, na lafazo ke Nagine se ग़ज़ल को ले चलो अब गाँव के दिलकश …
जिसके सम्मोहन में पागल धरती है आकाश भी है Jiske sammohan me pagal dharti he aakash bhi he जिसके सम्मोहन में पागल धरती है आकाश भी है एक पहेली-सी …