Tag: Hindi Poems
मुक्ति-पर्व Mukti parv आज राष्ट्र का मुक्ति-पर्व है जागो कवि की वाणी; फूंको शंख विजय का, जय हो भारत-भूमि भवानी फूलो फूल, लताओ झूमो, अम्बर बरसो पानी; मन-मयूर नाचो …
विकट बाढ़ की करुण कहानी Vikat badh ki karun kahani विकट बाढ़ की करुण कहानी नदियों का संन्याकस लिखा है बूढ़े बरगद के वल्कील पर सदियों का इतिहास लिखा …
शहीदों में तू नाम लिखा ले रे! Shahido me tu naam likha le re वह देश, देश क्या है, जिसमें लेते हों जन्म शहीद नहीं। वह खाक जवानी है …
अनंग-सी अंगना Aangan si angana ललना नवेली कौं अकेली लखि आंगन में, औचक गुबिंद ताहि धाय गहिबे लगे। छुटकी छबीली नैं जु सास कौं बतायौ पास, चौंकि चकराए बिसमै …
खर्राटे Kharrate तुलसी या संसार में कर लीजै दो काम- छक के भोजन कीजिए, मुँह ढक कै आराम! मुँह ढक कैं आराम, द्वार पर यह लिख दीजै- सोय रह्यौ …
मुझे उर्दू नहीं आती Mujhe urdu nahi aati मुझे उर्दू नहीं आती, मुझे हिन्दी नहीं आती। मुझे आती है इक भाषा कि जिसमें बोलता हूँ मैं हृदय के …
सुख-दुख आना-जाना Sukh – dukh aana-jana सुख-दुख आना-जाना साथी सुख-दुख आना-जाना। सुख की है कल्पना पुरानी स्वर्गलोक की कथा कहानी सत्य-झूठ कुछ भी हो लेकिन है मन को …
गिरिराज महाराज की जय! Giriraj Maharaj ki Jay जगती में नग बहुत हैं, भारत में नगराज। भारत में गिरि बहुत हैं, ब्रज में श्री गिरिराज॥ भक्ति मुक्ति अनुरक्ति सब, …