Tag: Hindi Poems
एक प्रवासी Ek Pravasi लौट! घर चल मुसाफ़िर कहाँ अब आसरा परदेश में है यहाँ छल का चलन हर वेश में है नेह के नीर आँखों में नहीं …
प्रयाण-गीत Prayan geet प्रयाण-गीत गाए जा! तू स्वर में स्वर मिलाए जा! ये जिन्दगी का राग है–जवान जोश खाए जा प्रयाण-गीत … तू कौम का सपूत है! स्वतन्त्रता का …
मेरे मित्र मेरे एकान्त Mere mitra mere ekant मेरे मित्र मेरे एकान्त सस्मित और शान्त कितने सदय हो सुनते हो मन की टोका नहीं कभी रोका भी नहीं …
हिन्दुस्तान हमारा है Hindustan hamara hai कोटि-कोटि कंठों से गूजा प्यारा कौमी नारा है हिन्दुस्तान हमारा है। हिन्दुस्तान हमारा है॥ मन्दिर और मीनार हमारे गाँव, शहर, बाजार हमारे। चन्दा-सूरज, …
धनाक्षरी Dhanakshari भंग की तरंग में अनंगनाथ झूम रहे, फागुनी बयार से जटा भी छितराई है। गंग की तरंग भी उमंग में कुरंगिनी सी, शैलजेश की जटाटवी को …
सीखा पशुओं से Sikha pashuo se कुत्ते से सीखी चापलूसी मलाई चट करना बता गई पूसी बकरे से अहं ब्रह्मास्मि-मैं-मैं कहां तक जानवरों को धन्यवाद दें! बैलों से सीखा …
विष्फोटक रसायन Visfotak rasayan धर्म यानि मजहब एक विष्फोटक रसायन अति संवेदनशील , जरा सी हुई ढील और दग गया।
सरकार कहते हैं Sarkar kahte hai बुढ़ापे में जो हो जाए उसे हम प्यार कहते हैं, जवानी की मुहब्बत को फ़कत व्यापार कहते हैं। जो सस्ती है, मिले हर …