Tag: Hindi Poems
मेरी गुर्बत को मत नापो Meri gurbat ko mat napo मेरी गु़र्बत को मत नापो मुझे गु़र्बत से मत नापो मैं जीवन की सही पहचान रहना चाहता हूँ …
प्यार के बदले Pyar ke badle कई दर्द थे जीवन में: एक दर्द और सही, मैंने सोचा — इतना भी बे-दर्द होकर क्या जीना! अपना लिया उसे भी अपना …
आइये इक पहर यहीं बैठें Aaiye ek pahar yahi bethe आइये इक पहर यहीं बैठें साथ सूरज के ढलें सुरमई अंधेरों में सुने बेचैन परिन्दों की चहक लौट …
बाकी कविता Baki kavita पत्तों पर पानी गिरने का अर्थ पानी पर पत्ते गिरने के अर्थ से भिन्न है। जीवन को पूरी तरह पाने और पूरी तरह दे जाने …
एक बेनाम महबूब के नाम Ek benam mahboob ke naam चाहता हूँ कि तेरा रूप मेरी चाह में हो तेरी हर साँस मेरी साँस की पनाह में हो …
आँकड़ों की बीमारी Ankado ki bimari एक बार मुझे आँकड़ों की उल्टियाँ होने लगीं गिनते गिनते जब संख्या करोड़ों को पार करने लगी मैं बेहोश हो गया होश आया …
किसी को इतना न चाहो के बदगुमाँ हो जाय Kisi ko itna na chaho ke badguma ho jaye किसी को इतना न चाहो के बदगुमाँ हो जाय न …
घबरा कर Ghabra kar वह किसी उम्मीद से मेरी ओर मुड़ा था लेकिन घबरा कर वह नहीं मैं उस पर भूँक पड़ा था । ज़्यादातर कुत्ते पागल नहीं होते …