Tag: Hindi Poems
उस शाम वो रूख़्सत का समाँ याद रहेगा Us sham vo sukhsat ka sama yaad rahega उस शाम वो रूख़्सत का समाँ याद रहेगा वो शहर वो कूचा वो …
शाम-ए-ग़म की सहर नहीं होती Sham ek gam ki sahar nahi hoti शाम-ए-ग़म की सहर नहीं होती या हमीं को ख़बर नहीं होती हम ने सब दुख जहाँ के …
दिल हिज्र के दर्द से बोझल है अब आन मिलो तो बेहतर हो Dil hiz ke dard se bojhal he ab aan milo to behtar ho दिल हिज्र के …
डूब गया दिन Doob gya din डूब गया दिन जब तक पहुँचे तेरे द्वारे। एक धुँधलका छाया ओर-पास धूप गाँव-बाहर की छूट गई, छप्पर-बैठक सब बिल्कुल उदास पगडंडी …
सब को दिल के दाग़ दिखाए एक तुझी को दिखा न सके Sab ko dil ke daag dikhaye ek tujhi ko dikha na sake सब को दिल के दाग़ …
इस क्षण Is Shan इस क्षण यहाँ शान्त है जल। पेड़ गड़े हैं, घास जड़ी। हवा सामने के खँडहर में मरी पड़ी। नहीं कहीं कोई हलचल। याद तुम्हारी, …
‘इंशा’ जी उठो अब कूच करो इस शहर में जी को लगाना क्या Insha ji utho ab kuch karo is shahar me ji ko lagana kya ‘इंशा’ जी उठो …
यहाँ से भी चलें Yaha se bhi chale चलें, अब तो यहाँ से भी चलें। उठ गए हिलते हुए रंगीन कपड़े सूखते। (अपाहिज हैं छत-मुँडेरे) एक स्लेटी सशंकित …