Tag: Hindi Poems
शेष Shesh सब-कुछ बीत जाने के बाद बचा रहेगा प्रेम केलि के बाद शैया में पड़ गई सलवटों-सा, मृत्यु के बाद द्रव्य-स्मरण-सा, अश्वारोहियों से रौंदे जाने के बाद …
गंधी बनी अमराई Gandhi bani amrai भाँति-भाँति के इत्र बेचती गन्धी बनी आज अमराई । महुए के रस में घुलते सेमल के फाहे चुनते-चुनते भटक गए भोले चरवाहे । …
वह कैसे कहेगी Vah kese kahegi वह कैसे कहेगी – हाँ! हाँ कहेंगे उसके अनुरक्त नेत्र उसके उदग्र-उत्सुक कुचाग्र उसकी देह की चकित धूप उसके आर्द्र अधर कहेंगे …
चलला गाम बजार Chalalaa Gaam Bajar हम ओ कनहा कुकूर नहि जे बाबू साहेबक फेकल माँड़े पर तिरपित भ’ जाइ । हमर आदर नहि करू जुनि कहू पण्डित, जुनि …
युवा जंगल Yuva jangal एक युवा जंगल मुझे, अपनी हरी पत्तियों से बुलाता है। मेरी शिराओं में हरा रक्त बहने लगा है आँखों में हरी परछाइयाँ फिसलती हैं …
जुगनू-सा पानी Jugnu sa pani जीवन के हर पोर-पोर पर नाच रहा जुगनू-सा पानी । निकले संकल्पों के अंकुर तोड़ वर्जना की दीवारें लेकर शुभ-संदेश उड़ रहे नभ के …
फिर घर Fir ghar माँ को कैसे पता चलेगा इतने बरसों बाद हम फिर उसके घर आए हैं? कुछ पल उसको अचरज होगा चेहरे पर की धूल-कलुष से …
ब्राह्मन देवता Brahman Devta कूसक औँठी, कूसक आसन जागक उसरल माटिक बासन चुटकी भरि सिदहा क चाउर सँ पालै छी पलिबार बघुआबै अछि तैयो हमरे पर बिढ़नी-संसार। दुपहरिया धरि …