Tag: Hindi Poems
शरण्य Sharanaya शरण खोजते हुए फिर हम तुम्हारे पास ही आएँगे। नक्षत्रों में नहीं मिलेगा कहीं ठौर – देवता मुँह फेर लेंगे, स्वर्ग-नरक की भीड़ में पुरखों का …
सावन की गंगा Savan ki Ganga सावन की गंगा जैसी गदराई तेरी देह । बिन बरसे न रहेंगे अब ये काले-काले मेघ । मन की नाव बहक जाती अक्सर …
चीख़ Cheekh यह बिल्कुल मुमकिन था कि अपने को बिना जोखिम में डाले कर दूँ इंकार उस चीख़ से, जैसे आम हड़ताल के दिनों में मरघिल्ला बाबू, छुट्टी …
राज करैए छांगुर Raj Kareye Changur पाँचो आंगुर काज करैए राज करैए छांगुर आर कते दिन चलत एना पूछैए पाँचो आंगुर । कर्मक फल कहि-कहि कऽ दुपहरिया मे डिबिया …
नाच गुजरिया नाच ! Nach Gujariya Nach नाच गुजरिया नाच! कि आई कजरारी बरसात री! सतरंगे सपनों में झूमी आज अन्हरिया रात री! गरज-लरज बरसे रे! जवानी में जब …
जबर जोत Jabar Jot उसने एक पेड़ काट कर फेंक दिया कानून की उस निष्क्रिय उपधारा की तरह जो उस जैसों के हित के लिए बनाई गई थी। …
गरहाँ क जीवाश्म Garaha ke jivasham बाबू पढ़ने छलाह अ सँ अदौड़ी आ सँ आमिल तैं न दौड़ि सकलाह ने मिल सकलाह सौराठक धवल-धार सँ। जिनगी भरि करैत रहलाह …
सद्यःस्नाता Sadyasnata पानी छूता है उसे उसकी त्वचा के उजास को उसके अंगों की प्रभा को – पानी ढलकता है उसकी उपत्यकाओं शिखरों में से – पानी उसे …