Tag: Hindi Poems
रौदी अछि, दाही अछि Rodi achi dahi achi रौदी अछि, दाही अछि हमरा ले’ धैन सन। गामक तबाही अछि हमरा ले’ धैन सन। हम महान छी,चटइत तरबा इतिहास अछि …
गाढे अंधेरे में Gadhe andhere me इस गाढे अंधेरे में यों तो हाथ को हाथ नहीं सूझता लेकिन साफ़-साफ़ नज़र आता है: हत्यारों का बढता हुआ हुजूम, उनकी …
बैरागी भैरव Beragi Bherav बहकावे में रह मत हारिल एक बात तू गाँठ बाँध ले केवल तू ईश्वर है बाकी सब नश्वर है । ये तेरी इन्द्रियाँ, दृश्य, सुख-दुख …
कोई नहीं सुनता Koi nahi sunta कोई नहीं सुनता पुकार– सुनती है कान खड़े कर सीढियों पर चौकन्नी खड़ी बिल्ली, जिसे ठीक से पता नहीं कि डर कर …
विपटा क स्राप Vipada ka Shrap सपटा सँ भेटल वरदान विपटा केर स्राप भ’ गेलै की करतै यज्ञक संकल्प उनटा जँ जाप भ’ गेलै । पाबनि-पाबनि बाँटल लोक बन्हकी …
अख़बार Akhbar अपराधों के ज़िला बुलेटिन हुए सभी अख़बार सत्यकथाएँ पढ़ते-सुनते देश हुआ बीमार । पत्रकार की क़लमें अब फ़ौलादी कहाँ रहीं अलख जगानेवाली आज मुनादी कहाँ रही? मात …
चींटी Chinti चीटियाँ इतिहास में नहीं होती: उनकी कतारें उसके भूगोल के आरपार फैल जाती हैं; किसी चींटी अपनी नन्हीं सी काया पर इतिहास की धूल पड़ने देती …
चन्द्रमा Chandrama चौरा पर साँझ दीप बारि कें पूजा सँ प्यार बनल चन्द्रमा राति जेकर ठाँढि धेने ठाढि अछि गाछ सिंगरहार बनल चन्द्रमा । काँच बाँस बान्हल आकाशदीप बिहुँसल …