Tag: Hindi Poems
समय से अनुरोध Samay se anurodh समय, मुझे सिखाओ कैसे भर जाता है घाव?-पर एक अदृश्य फाँस दुखती रहती है जीवन-भर| समय, मुझे बताओ कैसे जब सब भूल …
पूर्वजों की अस्थियों में Purvajo ki asthiyo me हम अपने पूर्वजों की अस्थियों में रहते हैं- हम उठाते हैं एक शब्द और किसी पिछली शताब्दी का वाक्य-विन्यास विचलित …
जिंदगी Zindagi जिंदगी अभिशाप भी, वरदान भी जिंदगी दुख में पला अरमान भी क़र्ज़ साँसों का चुकाती जा रही जिंदगी है मौत पर अहसान भी वे जिन्हें सर पर …
पत्ती Tatti जितना भर हो सकती थी उतना भर हो गई पत्ती उससे अधिक हो पाना उसके बस में न था न ही वृक्ष के बस में जितना …
दीप जकाँ एक नाम Deep jaka ek naam दिन भरि गाछक छाँह जकाँ क्यो संग चलय अभिराम साँझ परैत बरैए मन मे दीप जकाँ एक नाम । बरिसत कहियो …
जूते Jute जूते वहीं थे उनमें पैर नहीं थे बीच-बीच में उनमें फफूंद लग जाता था क्योंकि कोई पहनता नहीं था निरुपयोग से वे कुछ सख़्त भी पड़ …
पता नहीं Pata nahi पता नहीं सच है कि झूठ पर लोगों का कहना है मेरे प्रेम पगे गीतों को उमर-क़ैद रहना है। ऐसी हवा बही है दिल्ली पटना …
छाता Chata छाते से बाहर ढेर सारी धूप थी छाता-भर धूप सिर पर आने से रुक गई थी तेज़ हवा को छाता अपने-भर रोक पाता था बारिश में …