Tag: Hindi Poems
जीने-मरने की! Jine marne ki जकरा तन सोनित क लैस नहि तकरा जीने-मरने की! ओकरे बात सुनै अछि पंचो जकरा हाथ गड़ाँस नीक सदा लगलैए सभ कें निम्मल देह …
ऋतुराज इक पल का Rituraj ik pal ka राजमिस्त्री से हुई क्या चूक, गारे में बीज को संबल मिला रजकण तथा जल का। तोड़कर पहरे कड़े पाबंदियों के आज …
टोकनी Tokani यकायक पता चला कि टोकनी नहीं है पहले होती थी जिसमें कई दुख और हरी-भरी सब्ज़ियाँ रखा करते थे अब नहीं है… दुख रखने की जगहें …
कोहबर Kohbar पुरइन दह सन सीतल कोहबर चानन लागल केबार हे! ताहि पैसि सुतलाह दुलहा रघुबर दुलहा संग सुतलि सुकुमारि हे! नव रंग पटिया, नवहि रंग निनिया चारू दिसि …
चल उठ नेता Chal uth neta चल उठ नेता तू छेड़ तान! क्या राष्ट्रधर्म? क्या संविधान? तू नए-नए हथकंडे ला! वश में अपने कुछ गुंडे ला! फ़िर ऊँचे-ऊँचे …
हर लेती हैं बेटियाँ Har leti he betiya सहती रहती रात-दिन, तरह-तरह के तीर हर लेती हैं बेटियाँ, घर-आँगन की पीर । सौदागर इस देश के, रहते मद …
जाड़े में पहाड़ (नवगीत) Jade me pahad, Navgeet फिर हिमालय की अटारी पर उतर आए हैं परेबा मेघ हंस जैसे श्वेत भींगे पंखवाले । दूर पर्वत पार से मुझको …
चानन गाछ बनल छी Chanan gach banan chi चारू कात बसैए विषधर पोरे-पोर डसल छी एहि बिखाह जंगल मे हमही चानन गाछ बनल छी । खेत पथार धान उपटा …