Tag: Hindi Poems
द्वार पर साँकल लगाकर सो गए Dwar par sakal lagakar so gye द्वार पर साँकल लगाकर सो गए जागरण के गीत गाकर सो गए। सोचते थे हम कि …
सुनहरी सरज़मीं मेरी, रुपहला आसमाँ मेरा Sunahari sarzami meri, rupahla aasma mera सुनहरी सरज़मीं मेरी, रुपहला आसमाँ मेरा मगर अब तक नहीं समझा, ठिकाना है कहाँ मेरा किसी बस्ती …
सयानी बिटिया Syani bitiya जबसे हुई सयानी बिटिया भूली राजा-रानी बिटिया बाज़ारों में आते-जाते होती पानी-पानी बिटिया जाना तुझे पराये घर को मत कर यों मनमानी बिटिया किस …
हम को यूँ ही प्यासा छोड़ Hum ko yu hi pyasa chod हम को यूँ ही प्यासा छोड़ सामने चढ़ता दरिया छोड़ जीवन का क्या करना मोल महंगा ले-ले, …
गोली की मेहरबानी Goli ki meharbani गोली की मेहरबानी कुछ बम की मेहरबानी फ़ाक़े हुए कईं दिन से मातम की मेहरबानी कलियाँ भी अब उगलने चिंगारियाँ लगी हैं …
गुलों की तरह हम ने ज़िंदगी को इस कदर जाना Gulo ki tarha hum ne zindagi ko is kadar jana गुलों की तरह हम ने ज़िंदगी को इस कदर …
हौसला भी उड़ान देता है Housala bhi udan deta he कौन सीरत पे ध्यान देता है आईना जब बयान देता है मेरा किरदार इस ज़माने में बारहा इम्तिहान …
बाहर ना आओ घर में रहो तुम नशे में हो Bahar na aao ghar me raho tum nashe me ho बाहर ना आओ घर में रहो तुम नशे में …