Tag: Hindi Poems
दुपट्टा Dupatta दुपट्टा लहरा रहा है शानदार हवा चल रही है तेज़ बादल बरसने को हैं मौसम रहा है लगातार बदल तय करना कठिन है दुपट्टा क्यों लहरा …
तेरा हाथ मेरे काँधे Tera haath mere kandhe तेरा हाथ मेरे काँधे पे दर्या बहता जाता है कितनी खामोशी से दुख का मौसम गुजरा जाता है नीम पे अटके …
अर्ध्य Adhrya चांद निकल आया यही तो कहा था उस रात जब माध की चौथ को तुम अर्ध्य दे रही थी तुम्हारे लिये चांद का यह निकलना पुतलियों …
साथ चलते आ रहे हैं पास आ सकते नहीं Sath chalte aa rahe he pas aa sakte nahi साथ चलते आ रहे हैं पास आ सकते नहीं इक नदी …
रेत में शाम Ret me sham चल पड़ी नाव धीरे-धीरे फिर संध्या आई नदी नाव संयोग हुआ अब मन में बालू की आकृतियाँ छाई टूटा तारा टूटी लहरें …
चंद शेर Chand sher उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो न जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो जाये । ज़िन्दगी तूने मुझे कब्र से कम …
रेत में सुबह Ret me subah सुबह बेला एक मुटठी रेत में उठता हुआ वह एक तिनका चमक उठता है चांदनी सदृश एक बूंद ओस के साथ सुदूर …
ये चिराग़ बेनज़र है ये सितारा बेज़ुबाँ है Ye chirag benazar he ye sitare bezuba he ये चिराग़ बेनज़र है ये सितारा बेज़ुबाँ है अभी तुझसे मिलता जुलता कोई …