Tag: Hindi Poems
पत्थर के जिगर वालों ग़म में वो रवानी है Patthar ke jigar valo gam me vo ravani he पत्थर के जिगर वालों ग़म में वो रवानी है ख़ुद राह …
नवगीत – 4 Navgeet 4 कुछ के रुख दक्षिण कुछ वाम सूरज के घोड़े हो गए बेलगाम थोड़ी- सी तेज हुई हवा और हिल गई सड़क लुढ़क गया …
मुस्कुराती हुई धनक है वही Muskurati hui dhanak he vahi मुस्कुराती हुई धनक है वही उस बदन में चमक दमक है वही फूल कुम्हला गये उजालों के साँवली शाम …
नवगीत – 3 Navgeet 3 मीठी लगने लगी नीम की पत्ती -पत्ती लगता है यह दौर सांप का डसा हुआ है मुर्दा टीलों से लेकर जिन्दा बस्ती तक …
मुसाफ़िर के रस्ते बदलते रहे Musafir ke raste badalte rahe मुसाफ़िर के रस्ते बदलते रहे मुक़द्दर में चलना था चलते रहे कोई फूल सा हाथ काँधे पे था मेरे …
नवगीत – 2 Navgeet 2 भीलों ने बाँट लिए वन राजा को खबर तक नहीं पाप ने लिया नया जनम दूध की नदी हुई जहर गाँव, नगर धूप की …
मुझसे बिछड़ के ख़ुश रहते हो Mujhse bichad ke khush rahte ho मुझसे बिछड़ के ख़ुश रहते हो मेरी तरह तुम भी झूठे हो इक टहनी पर चाँद टिका …
मोम की ज़िन्दगी घुला करना Mom ki jindagi ghula karna मोम की ज़िन्दगी घुला करना कुछ किसी से न तज़करा करना मेरा बचपन था आईने जैसा हर खिलौने का …