रंग दुनिया ने दिखाया है
Rang duniya ne dikhaya hai
रंग दुनिया ने दिखाया है निराला, देखूँ
है अँधेरे में उजाला, तो उजाला देखूँ
आइना रख दे मेरे हाथ में, आख़िर मैं भी
कैसा लगता है तेरा चाहने वाला देखूँ
जिसके आँगन से खुले थे मेरे सारे रस्ते
उस हवेली पे भला कैसे मैं ताला देखूँ
Read More Hindi Poem of Kumar vishvas “Maa“ , “माँ” Complete Poem for Class 9, Class 10 and Class 12
