शायद
Shayad
ताज़ा-पकी रोटियों की महक
मेरे नथुनों के आस-पास मंडरा रही है
तुम्हें भूख लगी है शायद
ठंडे पानी का स्पर्श
मेरे गले को सींचता हुआ जान पड़ रहा है
तुम्हें प्यास लगी है शायद
बोझिल-बोझिल होती हुई
झपकने लगी हैं मेरी पलकें
तुम्हें नीद आ रही है शायद
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