प्रकाश के रंग
Prakash ke rang
प्रकाशों की धारा दिवस रजनी नित्य बहती
सभी की आँखों में अदिख छवि लाई मचल के
सधे आवर्तों में घिर कर कई प्राण बहके
इन्हीं में रंगों की लहर उमड़ी व्योम-सरि सी ।
Read More Hindi Poem of Subhadra Kumari Chauhan “Tum”, “तुम” Complete Poem for Class 10 and Class 12
