सद्ब्योहार Sadvyohar एक राजा ने एक दिन स्वप्न देखा कि कोई परोपकारी साधु उससे कह रहा है कि बेटा कल रात को तुझे एक विषैला सर्प काटेगा और उसके …
चट्टानें Chattane चट्टानें उड़ रही हैं बारूद के धुओं और धमाकों के साथ चट्टानों के कानों में भी उड़ती-उड़ती पड़ी तो थी अपने उड़ाए जाने की बात वे …
पुस्तक Pustak मुझको तो पुस्तक तुम सच्ची अपनी नानी \/ दादी लगती ये दोनों तो अलग शहर में पर तुम तो घर में ही रहती जैसे नानी दुम दुम …
ऋषि शंख और लिखित Rishi shankh aur likhit ऋषि शंख और लिखित दो भाई थे, दोनों धर्मशास्त्रके परम मर्मग्य थे, विद्या अध्ययन समाप्त कर के दोनों ने विवाह किया …
धातुएँ Dhatuye सूर्य से अलग होकर पृथ्वी का घूमना शुरू हुआ शुरू हुआ चुंबकत्व धातुओं की भूमिका शुरू हुई धातु युग से पहले भी था धातु युग धातु …
रस्सी का जादू Rassi ka jadu एक गांव में एक किसान रहता था, किसान के तीन बेटे थे और तीन बहुएं थीं, किसान के पास थोड़ी बहुत …
उम्मीद Umeed समय ठहरता है तो जागती है उम्मीद अँखुवाते ही ताकत उम्मीद की काल हो जाता है रफूचक्कर। बहुत दूर तक खुल जाते हैं रास्ते पड़ाव हो उठते …
सेतु Setu सेनाएँ जब सेतु से गुज़रती हैं तो सैनिक अपने क़दमों की लय तोड़ देते हैं क्योंकि इससे सेतु टूट जाने का ख़तरा उठ खड़ा होता है …