हर लिया क्यों शैशव नादान Har liya kyo sheshav nadan हर लिया क्यों शैशव नादान? शुद्ध सलिल सा मेरा जीवन, दुग्ध फेन-सा था अमूल्य मन, तृष्णा का संसार …
आकाश से झरता लावा Aakash se jharta lava राजनीति नहीं छोड़ती अपनी माँ-बहिन को भी जैसे रही है कहावत कि नहीं छोड़ते कई अपने बाप को भी । ताज्जुब …
बतौनी कछुआ Batoni Kachua एक तालाब में एक कछुआ रहता था। उसी तलाब में दो हंस तैरने के लिए उतरते थे। हंस बहुत हंसमुख और मिलनसार थे। कछुए और …
मधु के दिन मेरे गए बीत Madhu ke din mere gye beet मधु के दिन मेरे गए बीत!(२) मैँने भी मधु के गीत रचे, मेरे मन की मधुशाला …
उनका दर्द मेरी ज़ुबान Unka dard meri juban हमारे समय की सबसे बड़ी त्रासदी शायद वह आतंकवादी भी नहीं है जो भून डालता है महज भूनने के लिए जिसके …
नींद उचट जाती है Nind uchat jati he जब-तब नींद उचट जाती है पर क्या नींद उचट जाने से रात किसी की कट जाती है? देख-देख दु:स्वप्न भयंकर, …
फटा ट्वीड का नया कोट Fata tavid ka naya kot तुम्हें याद है क्या उस दिन की नए कोट के बटन होल में, हँसकर प्रिये, लगा दी थी …
बाघ और बगुला Bagh aur Bagula एक बार एक बाघके गले में हड्डी अटक गयी| बाघ ने उसे निकलने की बड़ी चेष्टा की, पर उसे सफलता नहीं मिली| पीड़ा …