सौ ख़ुलूस बातों में सब करम ख़यालों में Sau Khulus bato me sab karam khayalo me सौ ख़ुलूस बातों में सब करम ख़यालों में बस ज़रा वफ़ा कम है …
मैत्री में मोर Metri me mor विभाग की दीवार को फलांगता मोर जब उसके मुड़ेर पर बैठा तब हम कुछ मित्र जिसमे बहुतों में आशीष, विनोद व रामाज्ञा …
नवगीत – 6 Navgeet 6 बांस वनों से गूंज सीटियों की आयी, सन्नाटे की झील पांव तक थर्रायी| अनदेखे हाथों ने लाकर चिपकाये दीवारों पर टूटे पंख तितलियों …
सर पे साया सा दस्त-ए-दुआ याद है Sar pe saya sa dast e dua yaad he सर पे साया सा दस्त-ए-दुआ याद है अपने आँगन में इक पेड़ था …
नवगीत – 5 Navgeet 5 वक्त की आवाज़ पर फिर फेंकने दो एक पत्थर और शायद बन्द शीशे के घरों में लोग बाहर निकल आएं| देखता हूँ — …
पत्थर के जिगर वालों ग़म में वो रवानी है Patthar ke jigar valo gam me vo ravani he पत्थर के जिगर वालों ग़म में वो रवानी है ख़ुद राह …
नवगीत – 4 Navgeet 4 कुछ के रुख दक्षिण कुछ वाम सूरज के घोड़े हो गए बेलगाम थोड़ी- सी तेज हुई हवा और हिल गई सड़क लुढ़क गया …
मुस्कुराती हुई धनक है वही Muskurati hui dhanak he vahi मुस्कुराती हुई धनक है वही उस बदन में चमक दमक है वही फूल कुम्हला गये उजालों के साँवली शाम …