नवगीत – 3 Navgeet 3 मीठी लगने लगी नीम की पत्ती -पत्ती लगता है यह दौर सांप का डसा हुआ है मुर्दा टीलों से लेकर जिन्दा बस्ती तक …
मुसाफ़िर के रस्ते बदलते रहे Musafir ke raste badalte rahe मुसाफ़िर के रस्ते बदलते रहे मुक़द्दर में चलना था चलते रहे कोई फूल सा हाथ काँधे पे था मेरे …
नवगीत – 2 Navgeet 2 भीलों ने बाँट लिए वन राजा को खबर तक नहीं पाप ने लिया नया जनम दूध की नदी हुई जहर गाँव, नगर धूप की …
मुझसे बिछड़ के ख़ुश रहते हो Mujhse bichad ke khush rahte ho मुझसे बिछड़ के ख़ुश रहते हो मेरी तरह तुम भी झूठे हो इक टहनी पर चाँद टिका …
मोम की ज़िन्दगी घुला करना Mom ki jindagi ghula karna मोम की ज़िन्दगी घुला करना कुछ किसी से न तज़करा करना मेरा बचपन था आईने जैसा हर खिलौने का …
मेरे साथ तुम भी दुआ करो Mere saath tum bhi dua karo मेरे साथ तुम भी दुआ करो यूँ किसी के हक़ में बुरा न हो कहीं और हो …
नवगीत – 1 Navgeet 1 क्या हुए वे रेत पर उभरे नदी के पांव जिन्हें लेकर लहर आई थी हमारे गाँव आइना वह कहाँ जिसमें हम संवारे रूप रोशनी …
मिल भी जाते हैं तो कतरा के निकल जाते हैं Mil bhi jate he to katara ke nikal jate he मिल भी जाते हैं तो कतरा के निकल जाते …