इसी दोराहे पर Isi dorahe par पहलू-ए-शाह में ये दुख़्तर-ए-जमहूर की क़बर कितने गुमगुश्ता फ़सानों का पता देती है कितने ख़ूरेज़ हक़ायक़ से उठाती है नक़ाब कितनी कुचली हुइ …
आज Aaj साथियो! मैंने बरसों तुम्हारे लिए चाँद, तारों, बहारों के सपने बुने हुस्न और इश्क़ के गीत गाता रहा आरज़ूओं के ऐवां सजाता रहा मैं तुम्हारा मुगन्नी, तुम्हारे …
भगवान श्री कृष्ण ने महाभारत के युद्ध के लिए कुरुक्षेत्र को ही युद्धभूमि क्यों चुना Bhagwan Shri Krishan ne Mahabharat ke yudh ke liye Kurukshetra ko hi yudhbhumi kyo …
ख़ून फिर ख़ून है Khun fir khun he ज़ुल्म फिर ज़ुल्म है, बढ़ता है तो मिट जाता है ख़ून फिर ख़ून है टपकेगा तो जम जाएगा तुमने जिस ख़ून …
भगवान श्री राम के मृत्यु लोक से विष्णुलोक गमन की पौराणिक कथा Bhagwan Shri Ram ke Mrityu lok se Vishnulok gaman ki Poranik katha भगवान श्री राम के मृत्यु …
एक मुलाक़ात Ek Mulakat तिरी तड़प से न तड़पा था मेरा दिल,लेकिन तिरे सुकून से बेचैन हो गया हूँ मैं ये जान कर तुझे जाने कितना ग़म पहुचें कि …
शिव का सुरेश्वर अवतार Shiv ka Sureshwar Avtar भगवान शंकर का सुरेश्वर (इंद्र) अवतार भक्त के प्रति उनकी प्रेम भावना को प्रदर्शित करता है। इस अवतार में भगवान शंकर …
शिव का अर्धनारीश्वर अवतार Shiv ka Ardhnarishwar Avtar भगवान शंकर का यह अवतार हमें बताता है कि समाज, परिवार व सृष्टि के संचालन में पुरुष की भूमिका जितनी महत्वपूर्ण …