मैं अजन्मा, जन्मदिन किसका मनाऊँ Me Anjanma, janamdir kiska manau मैं अजन्मा, जन्मदिन किसका मनाऊँ? पंचभूतों के विरल संघात का? क्षरित क्षण-क्षण हो रहे जलजात का? दो दिनो …
सपनों को कल रात जलाया Sapno ko kal rat jalaya सपनों को कल रात जलाया हर करवट पर चुभते थे जो घुटन बढ़ाते घुटते थे जो मुझे पीसते …
आओ साथी जी लेते हैं Aao sathi ji lete hai आओ साथी जी लेते हैं विष हो या अमृत हो जीवन सहज भाव से पी लेते हैं सघन …
रिश्तों का व्याकरण Rishto ka vyakaran अनुकरण की होड़ में अन्तःकरण चिकना घड़ा है और रिश्तों का पुराना व्याकरण बिखरा पड़ा है। दब गया है कैरियर के बोझ …
अपने-अपने अंधकार में जीते हैं Apne-Apne Andhkar me jite hai अपने दोष दूसरों के सिर पर मढ़ कर रोज घूँट-दो-घूँट दम्भ के पीते हैं। ज्योति-पुंज के चिह्न टाँगकर …
तुम मुझको उद्दीपन दे दो गीतों का उपवन दे दूँगा Tum mujhko uddipan de do gito ka upvan de dunga तुम मुझको उद्दीपन दे दो गीतों का उपवन …
मैं कहीं और भी होता हूँ Me kahi aur bhi hota hu मैं कहीं और भी होता हूँ जब कविता लिखता कुछ भी करते हुए कहीं और भी होना …
पथ जीवन का पथरीला भी, सुरभित भी और सुरीला भी Path jivan ka pathrila bhi, surabhit bhi aur surila bhi पथ जीवन का पथरीला भी, सुरभित भी और …