हमारे पास घर था Hamare pas ghar tha हमारे पास घर था मगर वह अपना नहीं था घर हमारे लिए सपना भी नहीं था हमारे पास घर ख़रीदने …
खिड़की Khidki बहुत दिनों बाद खिड़की खोली थी साफ-साफ दिखता काँच के उस पार लगता था नयी धूप आएगी फूल खिल जाएँगे नई पत्तियाँ उगेंगी वसंत फिर आएगा धीरे-धीरे …
मगर बजती रही फिर भी कोई झनकार चुटकी में Magar bajti rahi fir bhi koi jhankar chutki me कभी इन्कार चुटकी में, कभी इक़रार चुटकी में कभी सर्दी ,कभी …
एक दीप मेरा Ek Deep Mera दुनिया के मेले में एक दीप मेरा ढेर से धुँधलके में ढूँढ़ता सवेरा वंदन अभिनंदन में खोया उजियारा उत्सव के मंडप में आभिजात्य …
मनके Manke टुकड़े टुकड़े टूट जाएँगे मन के मनके दर्द हरा है ताड़ों पर सीटी देती हैं गर्म हवाएँ जली दूब-सी तलवों में चुभती यात्राएँ पुनर्जन्म ले कर आती …
चोंच में आकाश Chonch me aakash एक पाखी चोंच में आकाश लेकर उड़ रहा है एक राजा प्रेम का इक रूपरानी झूलती सावन की पेंगों-सी कहानी और रिमझिम खोल …
हाइकु Haiku बाँह उठाए खजूर की कतारें हमें पुकारे गर्म हवाएँ खुली सड़क पर बीन बजाएँ। सफलता दे गई चुपके से लक्ष्य का पता
अब तो नींद Ab to nind अब तो नींद नहीं आएगी देख सिरहाने याद तुम्हारी हमने तो रिश्ता बोया था प्यार न जाने कब उग आया कब सींचा कब …