Tag: Hindi Poems
रंग और नूर की बारात किसे पेश करूँ Rang aur noor ki barat kise pesh karu रंग और नूर की बारात किसे पेश करूँ ये मुरादों की हंसीं रात …
बोधिसत्त्व Bodhisattav आप वहाँ हैं यद्यपि मैं व्यक्त नहीं कर सकता किन्तु देख रहा हूँ अब मैं आपको अधिक स्पष्ट आप ही हैं प्रथम दृष्टा आप ही हैं …
नीले गगन के तले Nile gagan ke tale हेऽऽऽऽऽऽऽ, नीले गगन के तले, धरती का प्यार पले ऐसे ही जग में, आती हैं सुबहें ऐसे ही शाम ढले हेऽऽऽऽऽऽऽ, …
ब्रह्मांड का माली Brahmand ka mali आपको आपने पुकारा मुझे ‘कवि’ कहकर ‘सावधान!’ गंभीरता से आपने चेताया ‘अभिमान’ और ‘नम्रता’ प्रतीत होते हैं जुड़वां किन्तु जनक अलग हैं …
जरूरी नहीं Jaruri nahi जरूरी नहीं जो पढ़ा है तुमने पढ़ा सकोगे जिनके घर जिनके घर बने हुए शीशे के लगाते पर्दे डर घर-घर में फैला रहे हैं …
किसी पत्थर की मूरत से मुहब्बत का इरादा है Kisi patthar ki murat se muhabbat ka irada he किसी पत्थर की मूरत से मुहब्बत का इरादा है परस्तिश की …
अब तो जागो ! Ab to jago हमारे बहते आँसू लहूलुहान मन और तन जिस पर करते आए हैं प्रहार जाने कितने लोग सदियाँ गुजर गईं पीड़ाएँ भोगती …
तुम अगर साथ देने का वादा करो Tum agar saath dene ka vada karo तुम अगर साथ देने का वादा करो मैं यूँही मस्त नग़मे लुटाता रहूं तुम मुझे …