Tag: Hindi Poems
एक क्षण के लिए Ek kshan ke liye अपने को आप जैसा पाया मैंने आसमान तब सिर पर उठाया मैंने और दे मारा मैंने उसे ज़मीन पर हंसी …
सुनाई पड़ते हैं Sunai padta he सुनाई पड़ते हैं कभी कभी उनके स्वर जो नहीं रहे दादाजी और बाई और गिरिजा और सरस और नीता और प्रायः सुनता …
लागा चुनरी में दाग Laga chunri me daag लागा, चुनरी में दाग, छुपाऊँ कैसे लागा, चुनरी में दाग चुनरी में दाग, छुपाऊँ कैसे, घर जाऊँ कैसे लागा, चुनरी में …
मुझे अफ़सोस है Mujhe afsos he या कहिए मुझे वह है जिसे मैं अफ़सोस मानता रहा हूँ क्योंकि ज़्यादातर लोगों को ऐसे में नहीं होता वह जिसे मैं …
निगाहें मिलाने को जी चाहता है Nigahe milane ko ji chahta he राज़ की बात है मेहफ़िल में कहें या न कहें बस गया है कोई इस दिल में …
तुम भीतर Tum Bhitar और समेटे हों कविता नहीं बनेगी वह क्योंकि कविता तो बाहर है तुम्हारे अपने भीतर को बाहर से जोड़ोगे नहीं बाहर जिस-जिस तरफ़ जहाँ …
तुम मुझे भूल भी जाओ तो ये हक़ है तुमको Tum Mujhe Bhjul bhi jao to ye haq he tumko तुम मुझे भूल भी जाओ तो ये हक़ है …
कुछ सूखे फूलों के Kuch sukhe phulo ke गुलदस्तों की तरह बासी शब्दों के बस्तों को फेंक नहीं पा रहा हूँ मैं गुलदस्ते जो सम्हालकर रख लिये हैं …