चंचल पवन प्राणमय बंधन Chanchal Pawan Pranmay bandhan व्योम सभी के ऊपर छाया एक चांदनी का मधु लेकर एक उषा में जगो जगाओ झिझक छोड़ दो, जाल तोड़ दो …
खुले तुम्हारे लिए हृदय के द्वार Khule tumhare liye hridya ke dwar खुले तुम्हारे लिए हृदय के द्वार अपरिचित पास आओ आँखों में सशंक जिज्ञासा मिक्ति कहाँ, है अभी …
गाहि सरोवर सौरभ लै Gahi sarovar sorabh le गाहि सरोवर सौरभ लै, ततकाल खिले जलजातन मैं कै। नीठि चलै जल वास अचै, लपटाइ लता तरु मारग मैं कै। …
भाषा की लहरें Bhasha ki lahare भाषाओं के अगम समुद्रों का अवगाहन मैंने किया। मुझे मानव–जीवन की माया सदा मुग्ध करती है, अहोरात्र आवाहन सुन सुनकर धाया–धूपा, मन में …
बिरहानल दाह दहै तन ताप Birhanal dah dahe tan tap बिरहानल दाह दहै तन ताप, करी बड़वानल ज्वाल रदी। घर तैं लखि चन्द्रमुखीन चली, चलि माह अन्हान …
हृदय की लिपि Hriday ki lipi यह रहस्य कढ़ा किस ओर से है हृदय की लिपि वायु-तरंग में लिख उठी छवि की अरधान सी नयन देख जिसे चुप हो …
रतनारी हो थारी आँखड़ियाँ Ratnari ho thari ankhadiya रतनारी हो थारी आँखड़ियाँ। प्रेम छकी रसबस अलसाड़ी, जाणे कमलकी पाँखड़ियाँ॥ सुंदर रूप लुभाई गति मति, हो गईं ज्यूँ मधु माँखड़ियाँ। …
स्वर Swar स्वर व्यतीत कदापि नहीं हुए समय-तार बजा कर जो जगे, रँग गई धरती अनुराग से, गगन में नवगुंजन छा गया ।