दूर से दूर तलक एक भी दरख्त न था Door se door talak ek bhi darakhat na tha दूर से दूर तलक एक भी दरख्त न था| तुम्हारे घर …
अब तो मज़हब कोई ऐसा भी चलाया जाए Ab to mazhab koi esa bhi chalaya jaye अब तो मज़हब कोई ऐसा भी चलाया जाए। जिसमें इंसान को इंसान …
हम तेरी चाह में, ऐ यार ! वहाँ तक पहुँचे Hum teri chah me, ae yar vaha tak pahuche हम तेरी चाह में, ऐ यार! वहाँ तक पहुँचे …
उल्लू बनाती हो? Ullu Banati ho? एक दिन मामला यों बिगड़ा कि हमारी ही घरवाली से हो गया हमारा झगड़ा स्वभाव से मैं नर्म हूँ इसका अर्थ ये नहीं …
तमाम उम्र मैं इक अजनबी के घर में रहा Tamam umra me ek ajnabi ke ghar me raha तमाम उम्र मैं इक अजनबी के घर में रहा । सफ़र …
औरत पालने को कलेजा चाहिये Aurat palne ko kaleja chahiye एक दिन बात की बात में बात बढ़ गई हमारी घरवाली हमसे ही अड़ गई हमने कुछ नहीं कहा …
कभी कभी खुद से बात करो Kabhi Kabhi khud se baat karo कभी कभी खुद से बात करो, कभी खुद से बोलो। अपनी नज़र में तुम क्या हो? ये …
पुराना पेटीकोट Purana Petikot पैसे बचाने की आदत अच्छी है डियर किंतु जब तुम पुरानी साड़ी को फाड़कर सीती हो मेरा अन्डरवियर तो तुम्हारा आएडिया बहुत बुरा लगता है …