जितना कम सामान रहेगा Jitna kam saman rahega जितना कम सामान रहेगा उतना सफ़र आसान रहेगा जितनी भारी गठरी होगी उतना तू हैरान रहेगा उससे मिलना नामुमक़िन है …
मेरा वेतन Mera Vetan मेरा वेतन ऐसे रानी जैसे गरम तवे पे पानी एक कसैली कैंटीन से थकन उदासी का नाता है वेतन के दिन सा ही निश्चित पहला …
प्रथम प्यार के चुम्बन की तरह Pratham pyar ke chumban ki tarah जब चले जाएंगे लौट के सावन की तरह , याद आएंगे प्रथम प्यार के चुम्बन …
हिंदी में बोलूँ Hindi me bolu जो सोचूँ हिंदी में सोचूँ जब बोलूँ हिंदी में बोलूँ जन्म मिला हिंदी के घर में, हिंदी दृश्य-अदृश्य दिखाए। जैसे माँ अपने बच्चे …
अब के सावन में शरारत Ab ke savan me shararat अब के सावन में शरारत ये मेरे साथ हुई मेरा घर छोड़ के कुल शहर में बरसात हुई …
एक से एक बढ़ के Ek se ek badh ke हमारे एक फ्रैंड हैं सूरत-शक्ल से बिल्कुल इंग्लैंड हैं एक दिन बोले- “यार तीन लड़के हैं एक से एक …
पीछे Piche गुमनामियों मे रहना, नहीं है कबूल मुझको चलना नहीं गवारा, बस साया बनके पीछे.. वो दिल मे ही छिपा है, सब जानते हैं लेकिन क्यूं भागते फ़िरते …
तू-तू, मैं-मैं Tu-tu, Me-me अकारण ही पड़ोसन काकी और मेरी घरवाली में छिड़ गया वाक-युद्ध कोयल-सी मधुर आवाज़ बदल गई गाली में ये भी क्रुद्ध वे भी क्रुद्ध छूटने …